हम निरंतर एक नई राजनीतिक व्यवस्था का प्रारूप तैयार कर रहे हैं। जिस लोक-स्वराज प्रणाली का प्रारूप हम प्रस्तावित कर रहे हैं,
18 जनवरी, प्रातःकालीन सत्र
हम निरंतर एक नई राजनीतिक व्यवस्था का प्रारूप तैयार कर रहे हैं। जिस लोक-स्वराज प्रणाली का प्रारूप हम प्रस्तावित कर रहे हैं, उसमें परिवार से लेकर सम्पूर्ण विश्व तक प्रत्येक स्तर की अपनी-अपनी आंतरिक व्यवस्थाएँ होंगी। स्पष्ट है कि प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी परिवार, गाँव, देश और विश्व—सभी स्तरों पर होगी। सम्पूर्ण विश्व-व्यवस्था प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा की गारंटी देगी।
इसका अर्थ यह है कि प्रत्येक व्यक्ति को विभिन्न स्तरों से सुरक्षा प्राप्त होगी और विश्व-व्यवस्था उसकी अंतिम सुरक्षा-गारंटी होगी। अर्थात यदि संसार में किसी व्यक्ति की असुरक्षा किसी अन्य व्यक्ति, किसी सरकार या किसी अन्य इकाई के कारण होती है, तो उसकी जिम्मेदारी विश्व-व्यवस्था की मानी जाएगी। इस प्रकार दुनिया के प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हो जाएगी।
यहाँ सुरक्षा का अर्थ केवल जान-माल तक सीमित नहीं होगा, बल्कि जीवन, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, संपत्ति और स्व-निर्णय की सुरक्षा भी इसमें सम्मिलित होगी। इन सभी को मौलिक अधिकार घोषित किया जाएगा। व्यक्ति की स्वतंत्रता एक मूल अधिकार होगी। किसी भी व्यक्ति की सुरक्षा को किसी भी अन्य इकाई द्वारा खतरे में नहीं डाला जा सकेगा।
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