कमजोर होती परिवार व्यवस्था और बढ़ती आक्रामकता 6 अगस्त प्रातः कालीन सत्र। हम वर्तमान भारत में यह बढ़ती हुई प्रवृत्ति देख रहे हैं कि भौतिक उन्नति भी हो रही है... 18 Aug 26 00:08 22 0
नई समाज व्यवस्था में परिवार का संवैधानिक ढांचा 10 अगस्त प्रातः कालीन सत्र। नई समाज व्यवस्था पर चर्चा। हम लंबे समय से इस बात पर गंभीरता से सोचते रहे कि समाज म... 18 Aug 26 00:08 27 0
वर्ग संघर्ष की राजनीति के विरुद्ध तीसरे पक्ष की आवश्यकत... वर्तमान भारत की राजनीतिक व्यवस्था में दो विचारधाराएँ अलग-अलग इकट्ठी हो गई हैं। एक विचारधारा वर्ग निर्माण और वर... 18 Aug 26 00:08 25 0
विचार मंथन का घटता महत्व और बढ़ता विचार प्रचार 9 अगस्त प्रातः कालीन सत्र। समाज के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि समाज में विचार मंथन लगातार कम होता जा रहा ह... 18 Aug 26 00:08 24 0
नई समाज व्यवस्था में राइट टू रिकॉल की मान्यता 8 अगस्त प्रातः कालीन सत्र। हम नई समाज व्यवस्था में जो भी संविधान बनाएंगे, उस संविधान में हम यह प्रावधान अवश्य ... 18 Aug 26 00:08 6 0
जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़े मामलों पर गंभीर सवाल पता चला है कि तीन दिन पहले रायपुर शहर में तीन ऐसे जैन जी लड़के गिरफ्तार हुए हैं, जो महीना भर जंतर-मंतर के आंदो... 18 Aug 26 00:08 3 0
ट्रंप, जिनपिंग, राहुल गांधी और केजरीवाल: नेतृत्व की चार... अभी हम बात करेंगे ट्रंप, शी जिनपिंग, राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल की तुलना करते हुए। दुनिया में आमतौर पर दो ... 18 Aug 26 00:08 5 0
तंत्र-मुक्त संविधान और सशक्त राष्ट्रपति 4 अगस्त प्रातः कालीन सत्र। कल मैंने आपको प्रातः काल लिखा था कि हम वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था से पूरी तरह निराश ... 18 Aug 26 00:08 8 0
यूजीसी विवाद से जातीय संघर्ष नहीं, सर्वजाति समाज की ओर अभी कुछ ही महीने बीते हैं, जब भारत सरकार से यूजीसी के मामले में एक गलती हो गई थी। हम लोग भी उस गलती से चिंतित ... 18 Aug 26 00:08 6 0
“पक्ष-विपक्ष से मुक्त लोकतंत्र ही वास्तविक लोकतंत्र” मैं वर्तमान लोकतंत्र को विकृत लोकतंत्र मानता हूँ, क्योंकि इसमें पक्ष और विपक्ष नामक दो गुट बनने अनिवार्य माने ... 18 Aug 26 00:08 9 0
आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति: कारणों की नई खोज 11 अगस्त प्रातः कालीन सत्र। यह बात सही है कि हमारे भारत में आबादी के अनुपात में आत्महत्याओं का प्रतिशत लगातार ... 18 Aug 26 00:08 4 0
सिद्धांत और व्यवहार के बीच संतुलन आवश्यक अगस्त प्रातः कालीन सत्र। हम गांधी को मानने वाले हैं। हम यह मानते हैं कि वर्ग-विद्वेष सबसे अधिक घातक है। हम यह ... 18 Aug 26 00:08 5 0
विशेष अधिकारों के दुरुपयोग का खतरा मैंने पहले भी कई बार लिखा है कि यदि महिलाओं, दलितों, आदिवासियों, मीडिया वालों को विशेष अधिकार दिए जाएंगे, इसका... 18 Aug 26 00:08 3 0
नई व्यवस्था का वैश्विक संदेश: भारत से विश्व तक 5 अगस्त प्रातः कालीन सत्र। मैं अपने को दुनिया का सबसे अधिक सुखी और संतुष्ट व्यक्ति मान रहा हूँ। मेरी उम्र 87 व... 18 Aug 26 00:08 12 0
कानून बढ़ते गए, भ्रष्टाचार भी बढ़ता गया मेरा अपना यह अनुभव है। जो व्यवस्था भ्रष्ट होती है, वह नए-नए कानून बनाती है और वे कानून भ्रष्टाचार के अवसर पैदा... 18 Aug 26 00:08 8 0