जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़े मामलों पर गंभीर सवाल
पता चला है कि तीन दिन पहले रायपुर शहर में तीन ऐसे जैन जी लड़के गिरफ्तार हुए हैं, जो महीना भर जंतर-मंतर के आंदोलन में सक्रिय रहे और रायपुर में कल्याण ज्वेलर्स की दुकान में डाका डालने की योजना बना रहे थे। तीनों ही जैन जी लड़के पूरे प्रमाण के साथ गिरफ्तार हुए हैं। यह लोग तीन दिन पहले ही सीधा दिल्ली से रायपुर आए थे। इसके करीब दो महीने पहले भी वे रायपुर आकर कल्याण ज्वेलर्स की रेकी करके गए थे।
एक दूसरी घटना में यह पता चला है कि जो जुनैद नाम का एक लड़का जंतर-मंतर पर मुफ्त सेवा कर रहा था, वह वास्तव में वहाँ आंदोलन में काम करने वाली लड़कियों पर बुरी नजर रख रहा था। उन लड़कियों ने दीप के से इसकी शिकायत भी की थी और दीप के ने आश्वासन दिया था कि आंदोलन के खत्म होने के बाद उस पर रिपोर्ट की जाएगी। अब इस प्रकार की रिपोर्ट जुनैद के खिलाफ हो चुकी है और जुनैद फरार हो गए हैं। यह वही जुनैद है, जिसे वामपंथियों ने दुनिया भर में हीरो बना दिया था। अब यह बात साफ हो रही है कि आंदोलन के नाम पर किस प्रकार गंदे लोग भी बहती गंगा में हाथ धोते हैं।
अभी तो यह शुरुआत है, आगे-आगे देखिए क्या होता है। अब रायपुर में गिरफ्तार इन तीनों लड़कों को आंदोलनकारी मानकर माफ किया जाएगा या डकैत मानकर उन्हें दंडित किया जाएगा, यह तो देश का कानून बताएगा। आंदोलन के पक्षधरों को दोनों मामलों में अपना पक्ष साफ करना चाहिए।
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