हम लोगों ने पिछले आठ दिनों में समाज को तोड़ने वाली अनेक योजनाओं पर गंभीरता से चर्चा की है।

हम लोगों ने पिछले आठ दिनों में समाज को तोड़ने वाली अनेक योजनाओं पर गंभीरता से चर्चा की है। सामान्यतः यह माना जाता है कि यदि समाज को तोड़ने में किसी एक भी योजना को सफलता मिल जाए, तो सामाजिक एकता को गंभीर नुकसान पहुँचता है। किंतु इन आठ दिनों में मैंने आपके सामने यह स्पष्ट चित्र प्रस्तुत किया है कि समाज को तोड़ने के लिए अनेक योजनाएँ एक साथ काम कर रही हैं। इन्हीं में से आठ प्रमुख योजनाओं पर हमने विस्तार से विचार किया है।
स्वतंत्रता के बाद से लेकर आज तक ये सभी आठों योजनाएँ सरकारी संरक्षण में फलती-फूलती रही हैं। ऐसा कोई राजनीतिक दल नहीं है जो इन आठ में से किसी न किसी योजना का समर्थन न करता हो। सभी राजनीतिक दल इन समाज-तोड़क योजनाओं से पूरी तरह लाभ उठा रहे हैं, क्योंकि राजनेताओं के लिए सामाजिक एकता ही सबसे बड़ा खतरा है।
यदि समाज एकजुट हो जाए, तो राजनेताओं की मनमानी पर नियंत्रण संभव है। यदि समाज एकजुट हो जाए, तो संविधान को भी गुलामी से मुक्त किया जा सकता है। सामाजिक एकता अनेक प्रकार के सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है। यही कारण है कि सभी राजनीतिक दल अपना पूरा जोर इस बात पर लगाते हैं कि समाज में वर्ग-विद्वेष और आपसी टकराव लगातार बना रहे।
अब हम लोगों ने इस समस्या पर गहराई से विचार कर लिया है और आगे हम इसके समाधान पर चर्चा करेंगे।