मां संस्थान का अभियान: समझदारी बढ़े, लोकतंत्र सशक्त बने...
15 जुलाई प्रातःकालीन सत्र। माँ संस्थान को इस बात का गौरव है कि दुनिया में अकेला ऐसा संस्थान है, जो समाज में घट...
15 जुलाई प्रातःकालीन सत्र। माँ संस्थान को इस बात का गौरव है कि दुनिया में अकेला ऐसा संस्थान है, जो समाज में घट...
मैंने एक सामाजिक संस्था को नजदीक से देखा है, जिसका नाम एन.ए.पी.एम. है। इस संस्था या संगठन में जो भी लोग शामिल ...
हम समाज को तोड़ने वाली अनेक धारणाओं—धर्म, जाति, भाषा, लिंग, गरीब-अमीर, युवा-वृद्ध—पर पहले ही चर्चा...
हमारी वर्तमान समस्याओं का समाधान भावनात्मक व्यक्तियों से नहीं, बल्कि बुद्धिजीवियों से...