समाज व्यवस्था में राजनीति की महीन कूटनीति

राजनीति समाज व्यवस्था का एक ऐसा विभाग है, जिसमें बहुत ही महीन कूटनीति का उपयोग किया जाता है। भारत की राजनीति में भी यह बात साफ दिख रही है। इस मामले में अरविंद केजरीवाल और अमित शाह को बड़ा कूटनीतिज्ञ माना जा सकता है। जिस तरह गुप्त रूप से अरविंद केजरीवाल ने जंतर-मंतर के आंदोलन की तैयारी की, यह अरविंद केजरीवाल को एक बड़ा कूटनीतिज्ञ ही प्रमाणित करती है। दूसरी ओर, जिस तरह अमित शाह ने ओवैसी को खड़ा कर दिया और विपक्ष को बहुत बड़ा झटका दिया, यह कोई साधारण कूटनीति का खेल नहीं है। ऐसा लगता है कि बिहार में प्रशांत किशोर को भी मजबूत करने का कोई अमित शाह का कूटनीति खेल चल रहा है। कभी-कभी तो ऐसा भी दिखता है कि राहुल गांधी को भी राजनीतिक शक्ति देने में अमित शाह की कूटनीति काम कर रही है। जिस तरह राहुल गांधी का आत्मविश्वास बढ़ाया जा रहा है और राहुल गांधी सरीखा नासमझ अपने को एकमात्र प्रधानमंत्री मानने की हिम्मत कर रहा है, इतनी बड़ी कूटनीति अमित शाह ही कर सकते हैं। अभी बात पूरी तरह साफ नहीं हुई है, लेकिन धीरे-धीरे यह बात समझ में आने लगी है।