वर्तमान समय में पूरी दुनिया की सबसे बड़ी समस्या हमारी राजनीतिक व्यवस्था है।
19 जनवरी, प्रातःकालीन सत्र
वर्तमान समय में पूरी दुनिया की सबसे बड़ी समस्या हमारी राजनीतिक व्यवस्था है। इस व्यवस्था में या तो आमूल-चूल परिवर्तन करना होगा, या फिर इसमें ठोस सुधार करने होंगे। जब तक इस व्यवस्था में कोई परिवर्तन या संशोधन नहीं होता, तब तक हमारी समस्याएँ कम नहीं होंगी।
हम सुरक्षा की माँग करते हैं, तो राजनीतिक व्यवस्था हमें सुविधाएँ देती है। हम स्वतंत्रता की माँग करते हैं, तो राजनीतिक व्यवस्था हमें विकास का आश्वासन देती है। विकास तो हम स्वयं भी कर सकते हैं, लेकिन हमारी सुरक्षा और स्वतंत्रता केवल राज्य ही सुनिश्चित कर सकता है।
भारत में हमने राज्य से पाँच समस्याओं से मुक्ति की माँग की थी। ये पाँच समस्याएँ थीं—
पहली, चोरी, डकैती और लूट;
दूसरी, बलात्कार;
तीसरी, मिलावट और कम तौलना;
चौथी, जालसाजी और धोखाधड़ी;
पाँचवीं, हिंसा और आतंकवाद।
लेकिन हमारी सरकारों ने हमें ये पाँच गारंटियाँ नहीं दीं। इसके बदले उन्होंने हमें भ्रष्टाचार, चरित्र-पतन, जातीय टकराव, सांप्रदायिक संघर्ष, श्रम-शोषण और आर्थिक असमानता दी। सरकार ने हमें जो ये छह चीज़ें दीं, वही हमारे लिए नई समस्याएँ बन गईं। हम इन्हीं में आपस में उलझते रह गए और जो पाँच मूल माँगें हमने सरकार से की थीं, वे पीछे छूटती चली गईं।
इसी कारण हम चाहते हैं कि दुनिया में एक नई राजनीतिक व्यवस्था का निर्माण हो—ऐसी व्यवस्था जिसकी पहल भारत से हो, और जिसकी शुरुआत हम और आप मिलकर करें।
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