नई राजनीतिक व्यवस्था और आयोगों की समाप्ति
25 में प्रातःकालीन सत्र
नई राजनीतिक व्यवस्था में हम या तो सभी प्रकार के आयोग समाप्त कर देंगे अथवा उन आयोगों में सिर्फ विपरीत वर्ग के लोग ही रखे जाएंगे। महिला आयोग, युवा आयोग, कर्मचारी आयोग, मानव अधिकार आयोग और पता नहीं कितने बेमतलब के सफेद हाथी बनाकर इन्हें जिंदा रखा जा रहा है। इनका कोई काम नहीं है।
सरकार का काम समाज में इस तरह विभाजन करना नहीं है। फिर भी हमारा यह मानना है कि यदि महिला आयोग बनाना ही है, तो महिला आयोग में सिर्फ पुरुषों को रहना चाहिए। महिलाएं अपनी समस्याएं पुरुषों को बताएंगी और पुरुष उसका समाधान करेंगे। पुरुष आयोग यदि बनता है, तो उसमें सिर्फ महिलाएं ही होनी चाहिए, क्योंकि मांगने वाला आयोग नहीं बना सकता, देने वाला बनाएगा।
इसलिए हमारा यह मानना है कि सभी प्रकार के आयोगों को तत्काल समाप्त कर दिया जाए। हम नई राजनीतिक व्यवस्था में सभी वर्तमान आयोगों को पूरी तरह समाप्त कर देंगे। हम व्यक्ति को एक इकाई मानेंगे, न कि किसी वर्ग को। नागरिक संहिता सबके लिए समान होगी और किसी के साथ भेदभाव नहीं करेगी।
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