मैं भिन्न-भिन्न परिस्थितियों में अपनी भूमिका स्पष्ट रखत...
मैं भिन्न-भिन्न परिस्थितियों में अपनी भूमिका स्पष्ट रखता हूँ। जब दुनिया का प्रश्न आता है, तब मैं “जय जगत...
मैं भिन्न-भिन्न परिस्थितियों में अपनी भूमिका स्पष्ट रखता हूँ। जब दुनिया का प्रश्न आता है, तब मैं “जय जगत...
28 जनवरी, प्रातःकालीन सत्रहम नई समाज व्यवस्था में बेरोजगारी की वर्तमान परिभाषा को पूरी तरह बदल देंगे। हमारे आध...
मैंने आज एक विदुषी लेखिका क्षमा शर्मा का लेख पढ़ा, जिसमें उन्होंने यह विचार प्रस्तुत किया है कि वर्तमान समय मे...
9 जनवरी प्रातःकालीन सत्र : नई समाज व्यवस्था पर चर्चाभारत में समाज को छिन्न-भिन्न करने के लिए धर्म, जाति, लिंग ...
हम पिछले चार दिनों से समाज को तोड़ने वाले विषयों—महिला सशक्तिकरण, युवा सशक्तिकरण, क्षेत्रीयता और धार्मिक...
6 जनवरी प्रातःकालीन सत्र मैंने महिला सशक्तिकरण और युवा सशक्तिकरण के नारे को एक बड़ी समस्या बताया था। मेरे विच...
नई समाज व्यवस्था पर विचारहाल की घटनाओं ने एक बार फिर विश्व व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। अमेरिका द...
मैं आज प्रातःकाल से समाज-सशक्तिकरण के प्रश्न पर विचार कर रहा हूँ। हाल ही में नीतीश कुमार द्वारा एक महिला डॉक्ट...
नई समाज व्यवस्था पर चर्चाकल मैं रायपुर शहर से कुछ दूर स्थित आनंद धाम अपने मित्र से मिलने गया था। आनंद धाम वह स...
हम केवल भारत की समस्याओं पर ही नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व की चुनौतियों पर भी गंभीरतापूर्वक चिंतन कर रहे हैं। मा...
15 नवंबर, प्रातःकालीन सत्र हम प्रतिदिन सुबह नई समाज व्यवस्था पर चर्चा करते हैं। मैं अपने जीवन के अनुभव इसी प्...
हम लोगों का पूरा का पूरा ग्रुप वर्तमान समस्याओं की चर्चा तक सीमित नहीं है हम इन चर्चाओं का कुछ समाधान भी बताना...
16 जुलाई प्रातः कालीन सत्र। हम कई महीने से नई समाज व्यवस्था पर प्रतिदिन प्रात काल फेसबुक पर चर्चा करते हैं। हम...
नई समाज और राज्य व्यवस्था 10 जुलाई, प्रातःकालीन सत्र नई समाज व्यवस्था में राष्ट्र और राज्य को अलग-अलग इकाइ...