प्रकृति का संतुलन: युद्ध और महामारी के पीछे छिपी शक्ति
ईश्वर सर्वशक्तिमान है अथवा प्रकृति सर्वशक्तिमान है—इस बहस में उलझने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन यह बात अव...
ईश्वर सर्वशक्तिमान है अथवा प्रकृति सर्वशक्तिमान है—इस बहस में उलझने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन यह बात अव...
अमेरिका–इज़रायल युद्ध ने समाज और राज्य की अलग-अलग भूमिकाएँ साफ कर दी हैं। हम समाज के लोग सरकार क...
29 मार्च प्रातःकालीन सत्र। भारत सहित दुनिया के सभी देश सुशासन की गारंटी देते हैं, लेकिन सुशासन...
ईरान और अमेरिका के बीच जो लड़ाई चल रही है, उस लड़ाई में मैं ईरान की सरकार के विरुद्ध हूँ, क्योंकि ईरान की जनता...
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष लगातार जारी है। कौन जीतेगा और कौन हारेगा, यह अभी निश्चित नहीं है; लेकिन एक बात क...
मैं लंबे समय से इस विचार का रहा हूँ कि तानाशाही की तुलना में विकृत लोकतंत्र और विकृत लोकतंत्र की तुलना में लोक...
मुझे यह बात पूरी तरह स्पष्ट हो गई है कि वर्तमान लोकतांत्रिक व्यवस्था अपूर्ण है और तानाशाही का प्रभावी रूप से स...
पिछले लंबे समय से दुनिया की राजनीतिक व्यवस्था ताकत और धन के बल पर अपनी सत्ता चलाने की एक तथाकथित शांतिपूर्ण प्...
एक बात तो साफ हो गई है की राहुल गांधी पूरी तरह ना समझ है उसमें बहुत बचकाना आदते हैं जबकि विपक्ष में अन्य कई लो...
तानाशाही की भूख बढ़ाती है अराजकता: मैंने कई बार लिखा है कि जब लोकतंत्र अराजकता की दिशा में बढ़ता है तो तानाशाही...