हम पूरी दुनिया के लिए एक ऐसी विश्व व्यवस्था का प्रारूप प्रस्तुत कर रहे हैं,

15 जनवरी, प्रातःकालीन सत्र

हम पूरी दुनिया के लिए एक ऐसी विश्व व्यवस्था का प्रारूप प्रस्तुत कर रहे हैं, जिसमें पृथ्वी के प्रत्येक व्यक्ति को न्याय और सुरक्षा की गारंटी विश्व व्यवस्था द्वारा दी जाएगी। कोई भी अपराधी व्यक्ति हो या कोई सरकार—कोई भी किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता पर मनमाना आक्रमण नहीं कर सकेगा।

प्रत्येक इकाई को अपनी आंतरिक सुरक्षा के लिए पुलिस व्यवस्था रखने की स्वतंत्रता होगी, लेकिन किसी भी बाहरी इकाई से किसी को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं होगी। बाहरी सुरक्षा की पूर्ण गारंटी विश्व व्यवस्था द्वारा दी जाएगी।

दुनिया की सभी सेनाओं पर अंतिम नियंत्रण विश्व व्यवस्था का होगा, न कि किसी राष्ट्रीय सरकार का। कोई भी देश स्वयं को इस विश्व व्यवस्था से स्वतंत्र घोषित नहीं कर सकेगा। प्रत्येक व्यक्ति को न्याय और सुरक्षा की गारंटी केवल स्थानीय व्यवस्था से नहीं, बल्कि विश्व व्यवस्था से सीधे प्राप्त होगी।

इस प्रकार मानव समाज के सामने मानवीय व्यवस्था का एक संशोधित और उन्नत स्वरूप प्रस्तुत होगा। पूरी दुनिया के लिए एक अलग और सशक्त विश्व व्यवस्था होगी, जिसका अपना अलग संविधान भी होगा।

वर्तमान में जिस प्रकार संयुक्त राष्ट्र संघ अस्तित्व में है, उसी प्रकार एक संयुक्त मानव संघ का गठन किया जाएगा—जिसका नाम कोई भी हो सकता है। इस नई व्यवस्था का एक प्रारूप हमने समाज के सामने विचारार्थ प्रस्तुत किया है।