एआई के भय और भविष्यवाणियों की बाढ़

आजकल दुनिया में ऐसे भी अनेक भविष्यवक्ताओं की बाढ़ आई हुई है, जो हमें इस बात से भयभीत करते हैं कि एआई सारी दुनिया का सर्वनाश कर देगा। यह बात सच भी हो सकती है और झूठ भी हो सकती है, लेकिन इसका समाधान न किसी व्यक्ति से संभव है, न देश से संभव है। इसका समाधान तो पूरा समाज मिलकर करेगा या दुनिया के देश मिलकर करेंगे।

ऐसा ही भय पहले एटम बम के बारे में भी व्यक्त किया गया था, लेकिन एटम बम का अभी तक कोई घातक परिणाम सामने नहीं आया है। जिन देशों के पास भी वर्तमान समय में एटम बम है, वे आक्रमण के लिए कभी प्रयोग नहीं किए गए हैं। इसी तरह एआई का भी संभव है। जिस तरह एटॉमिक एनर्जी का अच्छा उपयोग हुआ, इस तरह एआई का भी अच्छा उपयोग हो सकता है और यदि एआई का दुरुपयोग होगा, दुनिया इसे एक वैश्विक समस्या मानकर इस तरह गंभीरता से विचार करेगी, जैसा एटम बम के बारे में हुआ था।

इसलिए मेरा अपने तथाकथित विद्वानों से निवेदन है कि वे समाज में अनावश्यक भय न बनाएँ। इसका न तो किसी व्यक्ति के पास समाधान है, न किसी देश के पास। मैं भारत सरकार से निवेदन करूँगा, एआई के मामले में दुनिया जिस दिशा में चल रही है, भारत भी उस दिशा में तेजी से आगे बढ़े और दुनिया इस संबंध में मिलकर जो निर्णय लेगी, उस निर्णय को स्वीकार करने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।

मैं वर्तमान समय में एटम बम अथवा एआई के मामले में भारत सरकार जो निर्णय कर रही है, उस निर्णय के पक्ष में हूँ।