अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप पूरी दुनिया के लिए एक पहेली बने हुए हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप पूरी दुनिया के लिए एक पहेली बने हुए हैं। कोई नहीं कह सकता कि वे किस क्षण क्या कर लेंगे, क्या बोल देंगे या कैसा व्यवहार करेंगे। मेरे अपने जीवन के अनुभव के अनुसार पागलपन की तीन अवस्थाएँ होती हैं।
पहली अवस्था में व्यक्ति को सुर्री कहा जाता है, अर्थात वह बातचीत में बार-बार एक ही बात या मांग दोहराता रहता है। दूसरी अवस्था में व्यक्ति को सनकी कहा जाता है, जिसमें बातचीत के साथ-साथ उसका अन्य व्यवहार भी अत्यंत अनियंत्रित हो जाता है। तीसरी अवस्था में व्यक्ति को पूर्ण रूप से पागल कहा जाता है।
इस प्रकार के व्यक्तियों की कुछ विशिष्ट विशेषताएँ भी होती हैं। पहली यह कि वे सामान्य लोगों की तुलना में अधिक बुद्धिमान होते हैं। दूसरी यह कि वे अत्यधिक कामुक प्रवृत्ति के होते हैं। तीसरी यह कि पागल होने की अवस्था तक वे अपने अधिकांश कार्यों में सफल दिखाई देते हैं।
मेरे विचार से ट्रंप में ये तीनों ही गुण विद्यमान हैं, इसलिए यह कहा जा सकता है कि उनमें पागलपन के सभी लक्षण मौजूद हैं। अब तक ट्रंप ने दुनिया के सामने कोई अत्यंत बड़ी समस्या उत्पन्न नहीं की है। मादुरी का अपहरण या इस प्रकार की अन्य घटनाएँ कोई विलक्षण घटनाएँ नहीं हैं, क्योंकि दुनिया के कई देश इसी दिशा में बढ़ रहे हैं और संयुक्त राष्ट्र संघ स्वयं असहाय स्थिति में है।
लेकिन एक बात अब पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी है कि ट्रंप पागलपन की पहली और दूसरी अवस्था के बीच झूल रहे हैं। जिस प्रकार उन्होंने नोबेल पुरस्कार को एक प्रकार की सनक बना लिया है, वह यह सिद्ध करने के लिए पर्याप्त है कि वे पहली अवस्था से आगे बढ़ चुके हैं।
दूसरी बात यह है कि ट्रंप दुनिया भर के राजनेताओं के साथ जिस प्रकार का असभ्य और अपमानजनक व्यवहार कर रहे हैं, वह भी इस ओर संकेत करता है कि वे सनक की दिशा में बढ़ रहे हैं। मुझे पूरा-पूरा आभास है कि ट्रंप को नींद नहीं आती होगी और वे अत्यधिक तीव्र दवाइयों का सेवन कर रहे होंगे। धीरे-धीरे ये तथ्य भी सामने आ सकते हैं।
फिलहाल ट्रंप का मामला अमेरिका का आंतरिक विषय है और इस संबंध में विश्व के किसी हस्तक्षेप की संभावना नहीं दिखती। लेकिन जिस दिन यह मामला अमेरिका की सीमाओं से बाहर प्रभाव डालने लगेगा, उस दिन स्थिति गंभीर हो जाएगी।
फिर भी मेरी इच्छा है कि अमेरिका के लोग इस विषय पर अधिक गंभीरता से विचार करें, क्योंकि किसी अर्ध-पागल व्यक्ति के हाथ में इतनी बड़ी शक्ति का होना अत्यंत खतरनाक है।
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