जातीय जनगणना और ब्राह्मण की परिभाषा: जन्म नहीं, कर्म आधारित पहचान की आवश्यकता

भारत में अभी जनगणना हो रही है। इस जनगणना में जाति भी पूछी जाएगी। यदि वास्तव में भारत में जातीय जनगणना होती है, तो ब्राह्मणों का प्रतिशत 15–20% होना चाहिए, जो कि वर्तमान में गलत जनगणना के कारण 7–8% के आसपास माना जाता है। आप गंभीरता से सोचिए कि क्या संघ के प्रचारक ब्राह्मण नहीं माने जाएंगे? मैं कह सकता हूँ कि केवल ब्राह्मण पुत्र होने से ही कोई ब्राह्मण हो, यह मान्यता गलत है।

इसलिए संघ के सभी प्रचारक ब्राह्मण माने जाने चाहिए। आर्य समाज के लोग या गायत्री परिवार के लोग भी ब्राह्मण ही माने जाएंगे। क्या विवेकानंद को किसी ब्राह्मण से कम योग्य माना जाए? नकली ब्राह्मण को ब्राह्मण मानना और असली ब्राह्मण को ब्राह्मण न मानना, यह पूरी तरह सामाजिक दृष्टि से भी गलत है और धार्मिक दृष्टि से भी गलत है।

जो लोग प्रवचन देते हैं, उपदेश देते हैं, उन सबको ब्राह्मण ही माना जाएगा। इसलिए अब इस विषय पर गंभीरता से सोचा जाना चाहिए कि नकली ब्राह्मण को ब्राह्मण मानना और असली ब्राह्मण को ब्राह्मण न मानना पूरी तरह गलत है। सरकार को इस समय यह बात साफ कर देनी चाहिए।