राहुल गांधी की भविष्यवाणियाँ और राजनीतिक वास्तविकता
विपक्ष के सर्वमान्य नेता Rahul Gandhi ने चार बातें कही हैं।
उन्होंने पहली बात यह कही है कि भारत में अभूतपूर्व आर्थिक संकट आने वाला है। यह संकट इतना बड़ा होगा, जितना इस सदी में नहीं हुआ था। दूसरी बात उन्होंने यह कही है कि डीजल-पेट्रोल के दाम अभी और बढ़ेंगे। तीसरी बात उन्होंने यह कही है कि सरकार गुपचुप तरीके से डीजल-पेट्रोल की मूल्य वृद्धि कर रही है। चौथी बात उन्होंने यह कही है कि Narendra Modi सरकार एक वर्ष में ही गिर जाएगी।
अब हम चारों बातों की समीक्षा करें।
पहली बात कि कोई अभूतपूर्व संकट आने वाला है — यह पूरी तरह गलत है। कोई अभूतपूर्व संकट नहीं आने वाला है। सिर्फ इतनी सी बात है कि हमारी विकास दर 2% तक गिर सकती है, क्योंकि भारत सरकार ने नीतिगत बदलाव करके विकास की जगह आत्मनिर्भरता का चयन किया है। इससे अधिक कुछ नहीं होगा। यह बेकार का भय पैदा किया जा रहा है।
दूसरी बात, डीजल-पेट्रोल के दाम और बढ़ने वाले हैं — यह बात जगजाहिर है। यह तो कोई साधारण आदमी भी बोल सकता है। इसमें राहुल गांधी ने कोई नई बात नहीं कही है।
तीसरी बात कि डीजल-पेट्रोल का दाम गुपचुप बढ़ाया जा रहा है — तो यह तो अंधा भी कह सकता है कि कोई बात गुपचुप नहीं हो रही है। डीजल-पेट्रोल का दाम खुलेआम बढ़ रहा है।
चौथी बात राहुल गांधी ने कही है कि एक वर्ष में यह सरकार गिर जाएगी। राहुल गांधी ने तो पिछले वर्ष भी यही बात कही थी। राहुल ने साथ में यह भी कहा था कि छह महीने में नरेंद्र मोदी को लोग सड़कों पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटेंगे। उस बात को अब एक साल हो गया है।
उस समय विपक्ष के सब नेताओं ने कहा था कि यह सरकार छह महीने से अधिक नहीं चलेगी, क्योंकि Nitish Kumar और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री की ताकत पर यह सरकार चल रही है और छह महीने में ही वे दोनों विपक्ष में शामिल हो जाएंगे। उस बात को भी लगभग दो साल हो गए।
जब आपकी कोई भी बात सही निकलती ही नहीं है, तो आप बार-बार भविष्यवाणी क्यों करते हो? आपने कुछ समय पहले “आइटम बम” का प्रयोग किया था, वह भी पटाखा निकला। उसके बाद आपने “हाइड्रोजन बम” फेंका, उससे भी कुछ नहीं हुआ।
तो मैं राहुल गांधी से यह कहना चाहता हूं कि नाटकबाजी करने की जरूरत क्या है? भविष्यवाणी करना बंद करो। अब भारत की जनता पहले जैसी भावना-प्रधान नहीं है।
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