प्रसिद्ध उद्योगपति एलॉन मस्क एवं प्रसिद्ध वैज्ञानिक ज्योफ्री हिंटन
दुनिया के सबसे प्रसिद्ध उद्योगपति एलॉन मस्क ने यह भविष्यवाणी की है कि आने वाले 20 वर्षों में मनुष्य के पास करने के लिए कोई काम नहीं बचेगा। मनुष्य केवल घूमे-फिरेगा, खाए-पिएगा और सोएगा, जबकि सारा कार्य मशीनें करेंगी। किसी भी प्रकार के कार्य के लिए मनुष्य की आवश्यकता नहीं रहेगी।
दूसरी ओर, प्रसिद्ध वैज्ञानिक ज्योफ्री हिंटन का मानना है कि अगले 20 वर्षों में बड़े पैमाने पर बेरोजगारी पैदा होगी। मशीनें अधिकांश कार्य अपने हाथ में ले लेंगी, जिसके परिणामस्वरूप समाज में टकराव, असंतोष और अराजकता बढ़ेगी।
हमने इन दोनों भविष्यवाणियों पर गंभीरता से विचार किया है और इसका एक व्यावहारिक समाधान भी खोजा है। हमारे अनुसार, दोनों भविष्यवक्ताओं की आशंकाएँ संभावित रूप से सही हो सकती हैं, किंतु उनका समाधान उतना कठिन नहीं है जितना प्रतीत होता है।
हमारा समाधान यह है कि मशीनें कृत्रिम ऊर्जा पर निर्भर हों, और उस ऊर्जा की कीमत इतनी अधिक निर्धारित की जाए कि मानव श्रम और कृत्रिम ऊर्जा के बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनी रहे। जब ऊर्जा महंगी होगी, तब कुछ कार्यों में मशीनों का उपयोग होगा और कुछ में मानव श्रम को प्राथमिकता दी जाएगी। इस स्थिति में मशीनें मनुष्य को पूरी तरह बेरोजगार नहीं कर पाएँगी।
इसके अतिरिक्त, ऐसी व्यवस्था भी की जा सकती है कि उच्च तकनीक और उन्नत स्वचालन में प्रयुक्त ऊर्जा को सामान्य मशीनों की तुलना में कई गुना अधिक महंगा रखा जाए। इससे मानवीय ऊर्जा और कृत्रिम ऊर्जा के बीच संतुलन बना रहेगा और रोजगार के अवसर समाप्त होने के बजाय रूपांतरित होंगे।
इस प्रकार, भविष्यवाणियों से भयभीत होने की नहीं, बल्कि गंभीर चिंतन करने की आवश्यकता है। समाधान कठिन नहीं है—आवश्यकता केवल सही दृष्टि और संतुलित नीति की है।
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