वर्तमान समय में अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप जिस प्रकार का व्यवहार कर रहे हैं,
वर्तमान समय में अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप जिस प्रकार का व्यवहार कर रहे हैं, उसके परिप्रेक्ष्य में भारत सरकार अकेली ऐसी सरकार दिखाई देती है जो अत्यंत सूझबूझ और विवेक से काम कर रही है। एक ओर साम्यवाद और इस्लाम हैं, तो दूसरी ओर अमेरिका और ट्रंप हैं। इन दोनों के बीच एक गहरा संघर्ष चल रहा है। एक तरफ बदनाम साम्यवाद और इस्लाम हैं, तो दूसरी तरफ अमेरिका की दादागिरी का खतरा है।
इन दोनों में से किसी एक को चुनना अत्यंत कठिन कार्य है, और ऐसे कठिन निर्णय बहुत सोच-विचार के बाद ही लिए जाने चाहिए। भारत सरकार यह निर्णय पूरी गंभीरता और विवेक के साथ ले रही है।
मैं लंबे समय से लिखता आ रहा हूँ कि पिछले आठ वर्षों से भारत सरकार गांधी के मार्ग पर चल रही है। गांधी के सामने भी ऐसा ही संकट आया था। एक ओर मुस्लिम आक्रामकता के विरुद्ध संघ परिवार अंग्रेजों को अपेक्षाकृत कम खतरनाक मानता था, तो दूसरी ओर गांधी अंग्रेजों को हटाने के लिए मुसलमानों के प्रति नरम रुख अपनाए हुए थे। उस समय भी इन दोनों विचारधाराओं के बीच टकराव था।
आज भी उसी प्रकार दोनों विचारधाराओं का संघर्ष दिखाई देता है। वर्तमान समय में नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत जो भी मार्ग निकालेंगे, वह मार्ग निश्चित रूप से देश के लिए हितकारी होगा। मुझे यह देखकर प्रसन्नता होती है कि विपक्ष और राहुल गांधी के उत्तेजक वक्तव्यों के बावजूद नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत अत्यंत सूझबूझ के साथ निर्णय ले रहे हैं।
- मुझे आशा दिखाई देती है कि भविष्य में नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत की यह जोड़ी गांधी से भी आगे निकल सकती है।
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