एआई, प्रकृति और बदलती सामाजिक व्यवस्था का संकेत
जिस तरह प्रकृति अपना काम कर रही है, उसी तरह उसने कोरोना काल में भी अपने तरीके से कार्य किया। व...
जिस तरह प्रकृति अपना काम कर रही है, उसी तरह उसने कोरोना काल में भी अपने तरीके से कार्य किया। व...
कल रात 7:30 से 9:30 बजे तक चर्चा कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षा व्यवस्था पर विचार-विमर्श हुआ। यह बात सामने आई कि ...
दुनिया के साथ-साथ भारत ने भी अपनी विपरीत नीतियाँ बनाईं। जिस दिशा में दुनिया चल रही थी, भारत आँख बंद कर नकल करत...
हमें प्रसन्नता है कि हमारे सर्वोच्च न्यायालय ने यूजीसी विवाद पर समय रहते हस्तक्षेप किया और नए कानूनों पर रोक ल...
17 दिसंबर प्रातः कालीन सत्र मनुष्य का शरीर प्राकृतिक रू...
वर्तमान समय में सबकी शिक्षा एक समान है: मेरे एक मित्र विनोद शाह जी ने लिखा है कि सब की शिक्षा एक समान होनी चा...
भारत में शिक्षा का तेजी से विस्तार हुआ किन्तु ज्ञान तेजी से घटता गया। शिक्षा विस्तार ने भौतिक प्रगति में मदद क...
ज्ञान और शिक्षा अलग-अलग होते है । ज्ञान स्वयं का अनुभवजन्य निष्कर्ष होता है तो शिक्षा किसी अन्य द्वारा प्राप...
ज्ञान और शिक्षा अलग-अलग होते है। ज्ञान स्वयं का अनुभवजन्य निष्कर्ष होता है तो शिक्षा किसी अन्य द्वारा प्राप्...
कुछ सर्व स्वीकृत सिद्धान्त हैं - 1 ज्ञान और शिक्षा बिल्कुल अलग-अलग होते है । ज्ञान घट रहा है और शिक्षा बढ रही...
उपदेष, प्रवचन, भाषण और शिक्षा का फर्क दुनिया में कोई भी दो व्यक्ति पूरी तरह एक समान नहीें होते, उनमें कुछ न क...