स्वतंत्रता की रक्षा और नुकसान पर मोर्टार व्यवस्था

14 अप्रैल प्रातःकालीन सत्र।

हम जिस प्रकार की भारत में राजनीतिक व्यवस्था का प्रस्ताव दे रहे हैं, उसमें सरकार की यह जिम्मेदारी होगी कि वह अपराध नियंत्रण की गारंटी दे। भारत का प्रत्येक व्यक्ति अपने को सुरक्षित महसूस करे, भारत का हर शरीफ आदमी निर्भय रहे और वह किसी अपराधी से न डरे। भारत का हर अपराधी सरकार से डरता रहे—यही सरकार की एकमात्र जिम्मेदारी होगी।

यदि किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता में किसी प्रकार की कोई बाधा उत्पन्न होती है, तो सरकार उस बाधा को दूर करने की गारंटी देगी और उससे होने वाले नुकसान का उचित मुआवजा भी देगी, क्योंकि हम सरकार को सुरक्षा के लिए ही टैक्स देते हैं और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह हमारी सुरक्षा करे।

अपराध केवल दो ही प्रकार के माने जाएंगे—एक, बल प्रयोग; और दूसरा, जालसाजी (धोखाधड़ी)। इन दो के अतिरिक्त कोई कार्य न अपराध माना जाएगा और न ही किसी अन्य कार्य के लिए सरकार कोई गारंटी देगी।

सरकार केवल इन दो प्रकार के अपराधों को रोकने की गारंटी देगी। इन्हीं अपराधों को रोकने के लिए सरकार को पुलिस और न्यायालय की शक्ति दी जाएगी। इस गारंटी को ही राम राज्य माना जाएगा।