एन ए पीएम और संयुक्त मोर्चा: घटते जनाधार की राजनीति
मैंने एक सामाजिक संस्था को नजदीक से देखा है, जिसका नाम एन.ए.पी.एम. है। इस संस्था या संगठन में जो भी लोग शामिल ...
मैंने एक सामाजिक संस्था को नजदीक से देखा है, जिसका नाम एन.ए.पी.एम. है। इस संस्था या संगठन में जो भी लोग शामिल ...
25 जून प्रातःकालीन सत्र हम अच्छी तरह समझते हैं कि दुनिया का हर नेता सामाजिक एकता को सबसे बड़ा खतरा समझता है। ...
15 में प्रातःकालीन सत्र नई राजनीतिक व्यवस्था में हम परिवार को एक इकाई मानेंगे। हमारे सरकारी रिकॉर्ड में कोई म...
17 अप्रैल प्रातः कालीन सत्र। हम नई संवैधानिक और राजनीतिक व्यवस्था के अंतर्गत भारत के प्रत्येक नागरिक को इस बात...
अमेरिका–ईरान युद्ध से सारी दुनिया परेशान है। सारी दुनिया यह चाहती है कि किसी तरह युद्ध बंद हो जा...
भारत में अभी जनगणना हो रही है। इस जनगणना में जाति भी पूछी जाएगी। यदि वास्तव में भारत में जातीय...
एक समय था जब भारत में शंकराचार्य को सर्वोच्च सम्मान प्राप्त था। लेकिन धीरे-धीरे परिस्थितियाँ बदलती गईं...
30 जनवरी, प्रातः कालीन सत्रहम इस निष्कर्ष तक पहुँच चुके हैं कि भारत में कुल 11 ऐसी समस्याएँ हैं जो स्वतंत्रता ...
कल मैंने एक लेख लिखा था, जिसमें यह उल्लेख था कि एक परिवार ने अपनी छोटी बच्ची को दूसरे परिवार को दे दिया और बदल...
संशोधित संस्करण: भारत में अपराध संबंधी कानून स्वतंत्रता से लगभग आठ वर्ष पूर्व ही बनाए गए थे। अंग्रेज ...
वर्त्तमान समस्याओं का समाधान न गांधीवाद न सावरकरवाद जिस समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्...