सड़क पर मामूली-सी बात पर हत्या हो जाना आम हो गया है।
आज का अख़बार पढ़ने पर लगभग हर पृष्ठ पर एक-दो हत्याओं का विवरण था। ये हत्याएँ केवल रायपुर के आसपास ही नहीं, बल्...
आज का अख़बार पढ़ने पर लगभग हर पृष्ठ पर एक-दो हत्याओं का विवरण था। ये हत्याएँ केवल रायपुर के आसपास ही नहीं, बल्...
मैं आज प्रातःकाल से समाज-सशक्तिकरण के प्रश्न पर विचार कर रहा हूँ। हाल ही में नीतीश कुमार द्वारा एक महिला डॉक्ट...
दुनिया में व्यक्ति और समाज के संबंध इतने जटिल और उलझे हुए हैं कि उन्हें पूरी तरह सुलझाकर समझाना अत्यंत कठिन का...
सत्र में हम नई समाज-व्यवस्था पर चर्चा कर रहे हैं। यह एक गंभीर विषय है कि नई समाज-व्यवस्था पूर्णतः लोकतांत्रिक ...
15 नवंबर, प्रातःकालीन सत्र हम प्रतिदिन सुबह नई समाज व्यवस्था पर चर्चा करते हैं। मैं अपने जीवन के अनुभव इसी प्...
14 नवंबर — प्रातःकालीन सत्र नई व्यवस्था में समाज व्यवस्था और राज्य व्यवस्था को स्पष्ट रूप से अल...
13 नवंबर प्रातः कालीन सत्र। नई समाज व्यवस्था पर चर्चा। ...
भारत: मानव सभ्यता की जननी भारत को मानव सभ्यता की जननी कहा जाता है। इसका अर्थ है कि सभ्यता का प्रारम्भ यहीं ...
हम लोगों का पूरा का पूरा ग्रुप वर्तमान समस्याओं की चर्चा तक सीमित नहीं है हम इन चर्चाओं का कुछ समाधान भी बताना...
नई राजनीतिक व्यवस्था में नकद सब्सिडी प्रस्ताव 6 जुलाई 2025, प्रातःकालीन सत्र में हम वर्तमान राजनीतिक और सामाज...
1 जुलाई, प्रातःकालीन सत्र। धर्म और विज्ञान समाज में हमेशा एक-दूसरे के पूरक रहे हैं। विज्ञान अनुसंधान करता है,...
परम्परा और आधुनिकता के संघर्ष में अंधानुकरण उचित नहीं: वर्तमान दुनिया में परंपरागत या आधुनिक इन दो विचारधाराओ...
व्यवस्था की पहली इकाई परिवार मानी जाती है । व्यक्ति व्यवस्था की इकाई नहीं हो सकता क्योकि व्यक्ति स्वयं से पैदा...